Shatru, Pati, Sarvjan Vashikaran Mantra in Hindi Vidhi Sahit

शत्रु, पति, सर्वजन वशीकरण मंत्र इन हिंदी विधि सहित

आइये आज आपको कुछ ऐसे वशीकरण मंत्रो के बारे में बताते है जिसके करने से आप अपने पति को, शत्रु को और सर्वजनों को यानि कि बहुत सारे लोगो को एक साथ में ही वश में कर सकते है| मंत्रो के साथ साथ इनकी विधि भी बताईगी है तो उसी विधि के साथ इन मंत्रो को सिद्ध और प्रयोग करे| अगर सिद्धि के वक़्त या उससे पहले कोई जानकारी की आवश्यकता हो तो आप हमारे vashikaran Specialist – Rudra baba जी से बात कर सकते है ।

शत्रु वशीकरण मंत्र Shatru Vashikaran Mantra

मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सिद्धेश्वरी ज्वालामुखी जूंभिनी स्तंभिनी मोहिनी वशीकरणी परमन क्षोभिणी सर्व शत्रु निवारणी ओँ क्रों ह्रीं चाहि चाहि अक्षोभय सर्वजनं अमुकं मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा

इस मंत्र को 25,000  बार जपकर एक हजार बार होम करे| ब्राह्मण को भोजन  कराये| प्रयोग के समय 108 बार होम करे, इससे सरे विघ्न दूर होंगे और शत्रु वश में होंगे|

पति वशीकरण मंत्र Pati Vashikaran Mantra

मंत्र : ॐ नमो महायक्षिणी पतिं मे वश्यं कुरु कुरु स्वाहा

अपनी जीभ का मल और लौंग को मिलाकर 7 बार अभिमंत्रित करके पति को खिलाये| इस मंत्र से सुपारी वाला प्रयोग भी कर सकते है|

मंत्र : काममालिनी ठ: ठ: स्वाहा

इस मंत्र द्वारा गोरोचन से तिलक कर पति के साथ संभोग करे तो पति वश में हो जायेगा|

मंत्र : ॐ ह्रीं महामातांगीगीश्वरी चाण्डालनी अमुकी (अमुकं) पच पच दह दह मथ मथ स्वाहा|

इस मंत्र को पहले 10,000 बार किसी भी शुभयोग में जपे, फिर ग्रहणकाल में सिद्ध करके साध्या के नाम से रविवार को दूध, घृत, शर्करा से होम करे तो साध्या का वशीकरण हो जायेगा|

सर्वजन वशीकरण मंत्र Sarvjan Vashikaran Mantra

मंत्र : नमो भगवती पुर पुर वेशनि पुराधिपतये सर्वजगद भयंकरि छीं भैं ऊं रां रां रं रीं क्लीं वालौ स: वंच कामवाण सर्व श्री समस्त नरनारीगणं मम वशमानय वशमानय स्वाहा

इस मंत्र को पहले 10,000 बार जप कर सिद्ध कर ले| जब भी किसी सभा में जाये, तब २१ बार मंत्र पढ़कर अपने मुह पर हाथ फेरे, तो सर्वजन वशीकरण हो जायेगा|

मंत्र : भैरवो देवो! नगर मोहू, राजा मोहू, नगर नायक मोहू, देव मोहू श्री भैरव की शक्ति ।  फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा|

शमशान में इस मंत्र का जप करे| भैरव की पूजा रात्रि में बलि देकर करे| ऐसा रोजाना २१ दिन तक करे, तो सभी वश में हो जायेगे|

मंत्र: मोहकम मोहकम कहा से आया, यह किसका सन्देश लाया|  किसको रोली किसको चन्दन, किसको फूल बताया अंजन काल को भैरुं जोगनि छोडूं काल को मोड़ूं मुख को जोडूं सत्य वचन आदेश गुरु गोरखनाथ का

साधक इस मंत्र को सिद्ध करने से पहले अपने अनुकूल राशि की अंगूठी बनवाये| साधक को इस मंत्र का जप करते समय पीले वस्त्र धारण करने चाहिए एवं दक्षिण दिशा की और मुँह करना चाहिए| साधक को जप करते समय अपना ध्यान अंगूठी पर केंद्रित रखना चाहिए| यह जप ग्यारह दिन तक करे| अंगूठी को मंत्र सिद्ध होने के बाद पहने| प्रयोग करते समय एक कागज़ लेकर उस पर जिसे वश में करना है, इस साध्य पुरुष – स्त्री का नाम लिखे| इसके बाद उस अंगूठी को उस कागज़ पर स्थापित कर इस मंत्र का जप करे| इससे उक्त साध्य पुरुष-स्त्री साधक के वश में हो जायेगे|

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